हिलकोरश्रृंखला कऽ सार संक्षेपः उदगार आ सम्तोलिया हँसैत अबै छै जे जयरामके पसन्द नइ परै छै । रहिमके हाथमे कागज देखकऽकरीमा केहन कागज छै कहिकऽ पुछै छै । लेकीन रहिम ओकरा किछु नइ कहै छै । राम एकबेर फेरो अपन गिरहत अञ्जनी लग अपन पोताके इच्छा व्यक्त करै छै । ओ अञ्जनीके इहो कहै छै जे बेटा नइ भेलाक कारण अञ्जनी कहियो बाबा नइ बनि सकैय । रामके व्यवहार राम आ अञ्जनीके सम्बन्धके कत्त लऽ जेतै ? रहिम कोन बात अपन बीबीसऽ नुका रहल छै ?आखिर उदगार आ सम्तोलियाके देखकऽ जयराम कैला पितेलै ?