हिलकोरश्रृंखला कऽ सार संक्षेपः जनार्धन रहिमके कहै छै जे विदेश जाइ लेल ओकर कागज आबि गेलै । शिल्पा पर पिताएल काशिरामओकरा स्कुल सऽ निकालि देबऽ के निर्णय पर पहुँचै छै । लेकीन शशिकला काशिरामके समझबै छै । इम्हर जयराम सम्तोलियाके कहै छै जे ओ किछु व्यापार करऽ चाहै छै ।सम्तोलियाके मुँहसऽ उदगारके तारिफ सुनिकऽ जयराम खिसिया जाइ छै । जनार्धन रहिमके कतऽ पठारहल छै ? की शिल्पा स्कुल जेतै ? जयरामके व्यापारके सपना पुराहेतै ?