हिलकोरश्रृंखला कऽ सार संक्षेपः सियाबती आ जयराम पिपहीया बजारमे सियाबतीके दोकानमे छै । सियाबती अपन पुतहू सम्तोलिया परबेसी सामान खर्चा करै छै कहिकऽ खिसियाइ छै । गगनपुर गामके करीमा अपन सोहर रहिमके कोनो काज करऽलेल कहै छै । लेकीन रहिम ओकर बात अनसुनी कऽ दै छै । इम्हर फूलबटिया गामके काशिराम आ मनोहरगामक संस्कृति आा विकास लेल चिन्तित होति गामसऽ पलायन भऽ रहल युवासब पर चर्चा करै छै । कीकाशिराम आ मनोहरके चिन्ता जायज छै ? -